ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 43.06 करोड़ रुपये की लागत से नादौन में बनने वाले हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटल का शिलान्यास भी किया, जिसे जुलाई 2025 तक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह होटल पर्यटकों को सुविधा प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने गगाल में 6.54 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले जल शक्ति विभाग के विश्राम गृह तथा जलाड़ी में 14.02 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मॉडल करियर एवं स्किल सेंटर की आधारशिला भी रखी। स्किल सेंटर जून 2025 तक बनकर तैयार कर लिया जाएगा।
मंत्रियों को विभाग आवंटित करने के सवाल पर ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नए बनाए गए मंत्रियों को विभाग सौंप दिए गए हैं तथा जिन मंत्रियों से विभाग लिए गए हैं, उन्हें उनके मौजूदा विभागों के अनुसार नए बनाए जा रहे विभाग दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभागों का पुनर्गठन करने जा रही है तथा आने वाले समय में कुछ नए विभाग बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इन्फ्रास्ट्रक्चर विभाग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग बनाए जाएंगे ताकि निर्णय लेने में आसानी हो सके और राज्य सरकार का कामकाज सुचारू रूप से चल सके।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार के उपक्रम वाटर सेस का विरोध कर रहे हैं। इसके साथ ही बीबीएमबी के 4300 करोड़ रुपये केंद्र सरकार के पास फंसे हैं, जिसे केंद्र सरकार जारी नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि लुहरी, सुन्नी तथा धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजनाओं में हिमाचल प्रदेश के हितों का ध्यान नहीं रखा गया और प्रदेश के हितों को पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में बेचा गया। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सेरा विश्राम गृह में जन समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर विधायक संजय रत्न, कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया, राज्य कौशल विकास निगम के समन्वयक अतुल कड़ोहता, कांग्रेस नेता सुरेंद्र मनकोटिया, नादौन ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन पृथ्वी चंद, उपायुक्त हेमराज बैरवा, हि.प्र. कौशल विकास निगम के प्रबन्ध निदेशक जतिन लाल और पुलिस अधीक्षक डॉ. आकृति शर्मा भी उपस्थित थीं।